सरस्वती पूजा विधि ( Basant Panchami 2026 Puja Rituals) Basant Panchami 2026 7 vishesh upay?
सरस्वती पूजा विधि ( Basant Panchami 2026 Puja Rituals)
मां सरस्वती को पीला रंग बेहद प्रिय है।
इस दिन पीले वस्त्र धारण करें और पूजा में पीली चीजें शामिल करें।
पूजा की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करें।
साथ ही भगवान गणेश की प्रतिमा भी स्थापित करें।
वेदी के दाईं ओर जल से भरा कलश स्थापित करें।
बच्चे अपनी किताबें, पेन और अन्य कार्यक्षेत्र की चीजें मां के चरणों में रखें और उनका भी पूजन करें।
मां सरस्वती को पीले चावल, बूंदी के लड्डू व केसरिया हलवे का भोग लगाएं।
पूजा के दौरान “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।
अंत में मां सरस्वती की आरती कर प्रसाद बांटें।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, ऋतुओं के संधिकाल में ज्ञान और विज्ञान दोनों का वरदान प्राप्त किया जा सकता है। वहीं त्रिवेणी योग विद्यारंभ समारोह के लिए शुभ माना जाता है। जिन जातकों के भाग्य में शिक्षा और बुद्धि का योग नहीं बन रहा है, उन्हें इस दिन वीणा वादिनी मां सरस्वती की पूजा अर्चना करना चाहिए। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन कुछ खास उपाय करने से लक्ष्य प्राप्ति में आने वाली सभी विघ्न बाधाएं दूर होती हैं और तरक्की के नए द्वार खुलते हैं। गुरु मनीष साईं जी आपको बसंत पंचमी के दिन किए जाने वाले कुछ खास उपाय बताएंगे, जिसे कर आप छात्र जीवन में सफलता हासिल कर सकते हैं।
1. यदि आपके बच्चे को बोलने में समस्या होती है यानि उसकी वाणी स्पष्ट नहीं है तो बसंत पंचमी के दिन उसकी जीभ पर चांदी की सलाई से ओम की आकृति बनाएं, इससे आपका बच्चा वाणी दोष से मुक्त हो जाएगा। पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां सरस्वती के वीणा के मधुर ध्वनि से सृष्टि के समस्त जीव-जन्तुओं को वाणी की प्राप्ति हुई। ऐसे में ये उपाय कर आप अपने बच्चे को वाणी दोष से मुक्त कर सकते हैं।
2. ध्यान रहे बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करते समय कलम और कॉपी जरूर शामिल करें। मान्यता है कि इस उपाय से बुध की स्थिति अनुकूल होती है और मां सरस्वती के आशीर्वाद से साधक के बुद्धि का विकास होता है और स्मरण शक्ति मजबूत होती है।
3. यदि आपका बच्चा पढ़ाई से भागता है या उसका मन पढ़ाई में नहीं लगता तो बसंत पंचमी के दिन अपने बच्चे से पीले रंग का फूल और हरे रंग का फल मां सरस्वती को अर्पित करवाएं। ऐसा करने से मां सरस्वती के आशीर्वाद से आपके पुत्र का मन पढ़ाई में लगेगा।
4. बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करते समय केसर और पीले चंदन को जरूर शामिल करें। इससे जातक को ज्ञान और धन की प्राप्ति होती है। ज्योतिषशास्त्र में इसे गुरु से संबंधित वास्तु कहा जाता है।
5. आपको बता दें मां सरस्वती को प्रसाद में बूंदी अत्यंत प्रिय है। ऐसे में बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को बूंदी अर्पित करें। इससे मां सरस्वती अपने भक्तों पर प्रसन्न होती हैं।
6. बसंत पंचमी का दिन विद्या आरंभ करने के लिए बेहद खास है, इस दिन यदि किसी बच्चे की पढ़ाई की शुरुआत हो तो उस पर मां सरस्वती का आशीर्वाद सदा बना रहता है। मान्यता है कि इस दिन नवजात शिशु के जीभ पर शहद से ओम की आकृति बनाने पर बच्चा आगे चलकर बुद्धिमान और मधुरभाषी होता है।
7. बसंत पंचमी के दिन पूजा करते समय मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर माता को मोर पंख अर्पित करें और पूजा समाप्त होने के बाद मोर पंख अपनी पुस्तक में रख लें।
