धर्म

  • Hanuman Ji ki arti. हनुमान जी की आरती

    Hanuman ji ki arti  ॥ श्री हनुमंत स्तुति ॥ मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं, बुद्धिमतां वरिष्ठम् ॥ वातात्मजं वानरयुथ मुख्यं, श्रीरामदुतं शरणम प्रपद्धे ॥ ॥ आरती ॥ आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥ जाके बल से गिरवर काँपे । रोग-दोष जाके निकट न झाँके ॥ अंजनि पुत्र महा बलदाई ।…

  • हनुमान चालीसा। Hanuman chalisa

    जय श्री राम ॥ ॐ ॥ श्री हनुमान चालीसा ॥ ॥ दोहा ॥ श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।  वरनऊँ रघुवर विमल जसु, जो दायकु फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन कुमार। बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार॥                      …

  • प्रमाण कितने है? Praman kya h? Darshan mein?

    भारतीय दर्शन में प्रमाण का अर्थ है — ज्ञान प्राप्त करने के विश्वसनीय साधन। सामान्यतः (विशेषकर न्याय–मीमांसा परंपरा में) प्रमाण 6 प्रकार के माने गए हैं: ✅ 1. प्रत्यक्ष प्रमाण (Pratyaksha) जो ज्ञान इंद्रियों से सीधे मिले। 👉 जैसे: आँख से पेड़ देखना, कान से आवाज सुनना। ✅ 2. अनुमान प्रमाण (Anumana) किसी संकेत से…